लेखक: केसर कल्पवृक्ष
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पुस्तक का सार (Description):
"आपका किचन ही आपका पहला अस्पताल है और घर की महिला ही सबसे पहली और बड़ी डॉक्टर!"
लेखक केसर कल्पवृक्ष की यह क्रांतिकारी पुस्तक 'रसोईपैथी' हमें याद दिलाती है कि हमारे घर की रसोई केवल भोजन पकाने की जगह नहीं, बल्कि एक 'दिव्य औषधालय' है। यह पुस्तक भारतीय रसोई के उन चमत्कारी मसालों के रहस्य खोलती है, जो सदियों से हमारी सेहत के रक्षक रहे हैं।
इस पुस्तक की मुख्य विशेषताएं:
मसाले: प्रकृति के अनमोल रत्न: हल्दी, जीरा, मेथी, अजवाइन और काली मिर्च जैसे साधारण मसाले कैसे गंभीर बीमारियों के इलाज में 'मेडिसिन' का काम करते हैं, इसका वैज्ञानिक और अनुभवजन्य विवरण।
महिला: घर की मुख्य चिकित्सक: यह पुस्तक घर की महिलाओं (गृहणियों) को उनके असली स्वरूप से परिचित कराती है। लेखक का मानना है कि यदि घर की स्त्री को मसालों के सही औषधीय प्रयोग का ज्ञान हो, तो वह एक 'डॉक्टर' की भूमिका निभाकर पूरे परिवार के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकती है।
रसोई से चिकित्सा (Kitchen Therapy): छोटे-मोटे रोगों से लेकर पुरानी बीमारियों तक, कैसे रसोई के प्रबंधन मात्र से उन्हें ठीक (Cure) किया जा सकता है।
स्वस्थ भारत का आधार: बिना किसी बाहरी केमिकल या महंगी दवाओं के, रसोईपैथी के माध्यम से एक स्वस्थ और रोगमुक्त समाज का निर्माण करना।
यह पुस्तक क्यों पढ़ें?
यदि आप अपनी रसोई को दवाओं के बोझ से मुक्त करना चाहते हैं और अपनी सेहत की चाबी अपने हाथ में रखना चाहते हैं, तो 'रसोईपैथी' आपके लिए एक अनिवार्य मार्गदर्शिका है। यह हर उस महिला के लिए एक सम्मान है जो अपने परिवार के स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखती है।
केसर कल्पवृक्ष एक आध्यात्मिक वैज्ञानिक है
केसर कल्पवृक्ष ने की पहली पोयम डिक्शनरी लिखी है और दुनिया में सबसे ज्यादा कविता लिखा है ।
इन्हें कोरोना कल के सेवाओं के लिए स्विट्जरलैंड से सम्मानित भी किया गया है ।
वो वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं ।
केसर कल्पवृक्ष ने कोरोना का समय में हजारों लोगों की मदद की और उनको स्वास्थ्य लाभ प्रदान कराया।
और रोगी अधिकार सुरक्षा कार्यक्रम के तहत कार्य करते हैं और www.nocurenofee.com से क्रांतिकारी अभियान चला रहे हैं ।