Sandhya Geet

· Lokbharti Prakashan
Ebook
80
Pages

À propos de cet ebook

सांध्यगीत में कुछ स्फुट गीत संग्रहीत हैं । सांध्यगीत मेरी उस् मानसिक स्थिति को व्यक्त कर सकेगा जिसमें अनायास ही मेरा हृदय सुख-दुख में सामंजस्य का अनुभव करने लगा । मेरे गीत मेरा आत्म-निवेदन मात्र है-- उनके विषय में कुछ कह सकना मेरे लिए सम्भव नहीं है! इन्हें मैं अपने उपहार के योग्य अकिंचन भेंट के अतिरिक्त और कुछ नहीं मानती । 
सांध्यगीत में कुछ स्फुट गीत संग्रहीत हैं । सांध्यगीत मेरी उस् मानसिक स्थिति को व्यक्त कर सकेगा जिसमें अनायास ही मेरा हृदय सुख-दुख में सामंजस्य का अनुभव करने लगा । मेरे गीत मेरा आत्म-निवेदन मात्र है-- उनके विषय में कुछ कह सकना मेरे लिए सम्भव नहीं है! इन्हें मैं अपने उपहार के योग्य अकिंचन भेंट के अ...

Quelques mots sur l'auteur

जन्म: 1907, फर्रुख़ाबाद (उ.प्र.)।

शिक्षा: मिडिल में प्रान्त-भर में प्रथम, इंट्रेंस प्रथम श्रेणी में, फिर 1927 में इंटर, 1929 में बी.ए., 1932 में प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.एम.किया।

गतिविधियाँ: प्रयाग महिला विद्यापीठ में प्रधानाचार्य और 1960 में कुलपति। ‘चाँद’ का सम्पादन। ‘विश्ववाणी’ के ‘युद्ध अंक’ का सम्पादन। ‘साहित्यकार’ का प्रकाशन व सम्पादन। नाट्य संस्थान ‘रंगवाणी’ की प्रयाग में स्थापना।

पुरस्कार: ‘नीरजा’ पर सेकसरिया पुरस्कार, ‘स्मृति की रेखाएँ’ पर द्विवेदी पदक, मंगलाप्रसाद पारितोषिक, उत्तर प्रदेश सरकार का विशिष्ट पुरस्कार, उ.प्र. हिन्दी संस्थान का ‘भारत भारती’ पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार।

उपाधियाँ: भारत सरकार की ओर से पद्मभूषण और फिर पद्मविभूषण अलंकरण। विक्रम, कुमाऊँ, दिल्ली, बनारस विश्वविद्यालयों से डी.लिट्. की उपाधि। साहित्य अकादमी की सम्मानित सदस्या रहीं।

कृति सन्दर्भ: अतीत के चलचित्र, शृंखला की कड़ियाँ, स्मृति की रेखाएँ, पथ के साथी (रेखाचित्र); क्षणदा, साहित्यकार की आस्था, संकल्पित (निबन्ध); मेरा परिवार (संस्मरण); सम्भाषण (भाषण); चिन्तन के क्षण (रेडियो वार्ता); नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, दीपशिखा, प्रथम आयाम, अग्निरेखा, यात्रा (कविता-संग्रह)।

निधन: 11 सितम्बर, 1987

जन्म: 1907, फर्रुख़ाबाद (उ.प्र.)। शिक्षा: मिडिल में प्रान्त-भर में प्रथम, इंट्रेंस प्रथम श्रेणी में, फिर 1927 में इंटर, 1929 में बी.ए., 1932 में प्रयाग विश्वविद्यालय से संस्कृत में एम.एम.किया। गतिविधियाँ: प्रयाग महिला विद्यापीठ में प्रधानाचार्य और 1960 में कुलपति। ‘चाँद’ का सम्पादन। ‘विश्ववाणी’ के...

Attribuez une note à ce ebook

Faites-nous part de votre avis.

Informations sur la lecture

Téléphones intelligents et tablettes
Installez l'appli Google Play Livres pour Android et iPad ou iPhone. Elle se synchronise automatiquement avec votre compte et vous permet de lire des livres en ligne ou hors connexion, où que vous soyez.
Ordinateurs portables et de bureau
Vous pouvez écouter les livres audio achetés sur Google Play en utilisant le navigateur Web de votre ordinateur.
Liseuses et autres appareils
Pour pouvoir lire des ouvrages sur des appareils utilisant la technologie e-Ink, comme les liseuses électroniques Kobo, vous devez télécharger un fichier et le transférer sur l'appareil en question. Suivez les instructions détaillées du centre d'aide pour transférer les fichiers sur les liseuses électroniques compatibles.