Jalti Mashal

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काव्य संग्रह "जलती मशाल" वास्तविक मेरे लिए एक स्वप्न लोक जैसा था क्योंकि कुछ वर्ष पहले तक मैंने कभी विचार नहीं किया था कि मैं कभी कुछ लिख पाऊँगा,मेरी कोई काव्य संग्रह भी निकलेगी। मेरे मन में असीम संभावनाएं-जिज्ञासाएं उत्पन्न होती थी किंतु लेखन शैली का दूर-दूर तक कोई नाता नही था,न ही मेरे आस-पास में कोई ऐसे व्यक्ति थे जिनसे मैं कुछ सीख पाता या जिनसे कुछ दिशा-निर्देशन ले पाता। फिर वक्त के थपेड़ों ने मुझे इस कदर बदला कि आज कुछ न कुछ जरूर लिख लेता हूँ कोरोना काल में जब प्रथम लॉकडाउन लगा था जिसमें असंख्य लोग पैदल चलने को मजबूर हो गए थे उन्हीं को समर्पित मेरी पहली कविता रही और तब से लेकर आज तक इन दो वर्षों में मैंने अपनी जिंदगी में जितने भी समस्याएं देखा,अनुभव किया उन सब को कविता का आकार देने लगा आज वही काव्य संग्रह का रूप धारण कर रही है जो मेरे लिए बहुत ही आनंद और गौरव का क्षण है। यह काव्य संग्रह दरिद्रों पीड़ितों शोषित जनों के लिए एक नई उमंग तथा उनकी स्थितियों में बदलाव लाने के लिए महत्वपूर्ण होगी तथा उनके प्रति समाज में दया करुणा व समानता का भाव जागृत होगा।

जिसके लिए मैं गुरु घासीदास बाबा तथा महामानव बाबा साहेब को नमन करते हुए अपनी माताजी- शशि खुंटे पिताजी- हरनारायण खुंटे जी के चरणों में यह काव्य संग्रह सादर समर्पित करता हूँ तथा मेरे सभी गुरुजन, इस काव्य संग्रह की भूमिका लिखने वाले बड़े भैया आदरणीय राकेश बंजारे जीसूचित सायटोन्डे (संपादक विवेक एक्सप्रेस), डॉ.ओंकार साहू " मृदुल", शशिभूषण "स्नेही", अशोक पटेल "आशु", मेरे कविताओं के समीक्षक रहे बड़े भैया डिकेश दिवाकर जी,मुझे हमेशा प्रोत्साहित करने वाले बड़े भैया चंद्रहास खुंटे,अमित बघेल जी,मेरे परम मित्र गुरुदेव डहरिया,विक्की बघेल तथा उन सभी पाठक,साहित्य संगठनों व पत्र-पत्रिकाओं का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने मेरे कविता को प्रमुखता से स्थान देकर मेरा हौसला अफजाई किया है।

सादर आभार! धन्यवाद!

काव्य संग्रह "जलती मशाल" वास्तविक मेरे लिए एक स्वप्न लोक जैसा था क्योंकि कुछ वर्ष पहले तक मैंने कभी विचार नहीं किया था कि मैं कभी कुछ लिख पाऊँगा,मेरी कोई काव्य संग्रह भी निकलेगी। मेरे मन में असीम संभावनाएं-जिज्ञासाएं उत्पन्न होती थी किंतु लेखन शैली का दूर-दूर तक कोई नाता नही था,न ही मेरे आस-पास म...

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About the author

नाम- चन्द्रकांत खुंटे 'क्रांति‘

पिता- श्री हरनारायण खुंटे

माता- श्रीमती शशि खुंटे

जन्मतिथि- 12/10/1987    

कार्तिक कृष्णा पंचमी,जन्म सोम शुभ याम।     

उन्नीस सप्तशीति सन,भोर प्रहर निज धाम।।

शिक्षा- एम.ए.(हिंदी,संस्कृत,समाजशास्त्र, इतिहास,छत्तीसगढ़ी भाषा) बी.एड.लक्ष्य- सहायक प्राध्यापक (हिंदी में नेट,सेट उत्तीर्ण)

पता- मु.पो.लोहर्सी,

व्हाया-खरौद, तहसील-पामगढ़, जिला- जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़पिन-495556

रचनाएँ- देश-प्रदेश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में अनेक हिंदी व छत्तीसगढ़ी कविताएँ प्रकाशित।

जिसमें प्राकृतिक,प्रगतिवादी,प्रेम पूर्ण काव्य तथा मानव समाज में फैले दोष,भेदभाव,आडम्बर,शोषित वर्ग की दीन-हीन दशा, गरीबी,अशिक्षा आदि समस्याओं को प्रमुख रूप से उजागर किया गया हैं।

मो.- 7771871576

ईमेल- khuntechandrakant268@gmail.com)


नाम- चन्द्रकांत खुंटे 'क्रांति‘ पिता- श्री हरनारायण खुंटे माता- श्रीमती शशि खुंटे जन्मतिथि- 12/10/1987 कार्तिक कृष्णा पंचमी,जन्म सोम शुभ याम। उन्नीस सप्तशीति सन,भोर प्रहर निज धाम।। शिक्षा- एम.ए.(हिंदी,संस्कृत,समाजशास्त्र, इतिहास,छत्तीसगढ़ी भाषा) बी.एड.लक्ष्य- सहायक प्राध्यापक (हिंदी में...

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