Paalatu Bohemian: Manohar Shyam Joshi Ek Yaad

· Rajkamal Prakashan
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हिंदी में ऐसे लेखक अधिक नहीं हैं जिनकी रचनाएं आम पाठकों और आलोचकों के बीच सामान रूप से लोकप्रिय हो. ऐसे लेखक और भी कम हैं जिनके पैर किसी विचारधारा की बेड़ी से जकड़े ना हो. मनोहर श्याम जोशी के लेखन,पत्रकारिता को अपने शोध-कार्य का विषय बनाने की ‘रिसर्च स्कोलर्स’ में होड़ लगी थी. प्रभात रंजन ने न सिर्फ जोशी जी के लेखन पर अपना शोध-कार्य बखूबी किया बल्कि उनके साथ बिताए गए समय को इस संस्मरण की शक्ल देकर एक बड़ी ज़िम्मेदारी पूरी की है. “प्रभात ने आत्मीय वृत्तांत लिखा है.” –भगवती जोशी (मनोहर श्याम जोशी की सहधर्मिणी) - हिंदी फ़िल्मों और डेली सोप ओपेरा के लीजेंड्री राइटर मनोहर श्याम जोशी के जीवन से जुड़े अनेक वृत्तांत इस पुस्तक में हैं जो न सिर्फ दिलचस्प हैं, बल्कि प्रेरक और ज्ञानवर्द्धक भी हैं. - हिंदी कथा-साहित्य/ पत्रकारिता/ फिल्म/ टेलिविज़न में रूचि रखने वालों के लिए अनिवार्य पठनीय सामग्री. - संस्मरण विधा में एक उपलब्धि जैसी किताब.
हिंदी में ऐसे लेखक अधिक नहीं हैं जिनकी रचनाएं आम पाठकों और आलोचकों के बीच सामान रूप से लोकप्रिय हो. ऐसे लेखक और भी कम हैं जिनके पैर किसी विचारधारा की बेड़ी से जकड़े ना हो. मनोहर श्याम जोशी के लेखन,पत्रकारिता को अपने शोध-कार्य का विषय बनाने की ‘रिसर्च स्कोलर्स’ में होड़ लगी थी. प्रभात रंजन ने न सिर्फ...

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Amit Raturi
October 29, 2026
इस पुस्तक को पढ़ने के बाद, मुझे ऐसा लगता है कि काश मनोहर श्याम जोशी जैसा कोई व्यक्ति मेरे जीवन में मार्गदर्शक होता।
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About the author

प्रभात रंजन जन्म : 3 नवंबर 1970, जन्मस्थान : सीतामढ़ी (बिहार)। शिक्षा : पीएचडी (उत्तर आधुनिकतावाद और मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास, उदय प्रकाश की कहानियों में राजनीतिक-सामाजिक परिप्रेक्ष्य)। प्रकाशित कृतियाँ : दो कहानी संग्रह—'जानकी पुल’ और 'बोलेरो क्लास’,'नीम का पेड़’ (राही मासूम रज़ा लिखित धारावाहिक का उपन्यास के रूप में रूपान्तरण), 'स्वच्छन्द’ (सुमित्रानंदन पन्त की कविताओं के संचयन का अशोक वाजपेयी और अपूर्वानंद के साथ संपादन), 'टेलीविजन लेखन’ (असगर वजाहत के साथ सह-लेखन), 'एंकर रिपोर्टर’ (पुण्य प्रसून वाजपेयी के साथ सह-लेखन), 'जादुई यथार्थ का जादूगर मार्केज़’ (गाब्रियल गार्सिया मार्केस के जीवन और लेखन पर एकाग्र हिंदी में पहली पुस्तक), 'कोठागोई’—(मुज़फ्फरपुर की तवायफ संस्कृति पर एकाग्र पुस्तक विशेष चर्चित)। अनुवाद : अनुवाद की लगभग 25 पुस्तकें प्रकाशित, जिनमें देवदत्त पट्टनायक की पुस्तक 'राम की गाथा’, मोहसिन हामिद का उपन्यास 'जल चुके परवाने कई’, खुशवंत सिंह की किताब 'खुशवंतनामा’, दिलीप कुमार की आत्मकथा 'वजूद और परछाईं’, सत्य नडेला की पुस्तक 'हिट रिफ्रेश’ और आर. रघुराम राजन की पुस्तक 'आई डू व्हाट आई डू’ आदि प्रमुख। सम्पादन : महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्व-विद्यालय की पत्रिका 'बहुवचन’ का सम्पादन, उसी विश्वविद्यालय की अंग्रेजी पत्रिका 'हिंदी’ में सहायक सम्पादक, 'आलोचना’ में संयुक्त सम्पादक, प्रसिद्ध समाचारपत्र 'जनसत्ता’ में सहायक सम्पादक। पुरस्कार/ सम्मान : 'जानकी पुल’ कहानी के लिए सहारा समय कथा सम्मान, 'जानकी पुल कहानी संग्रह’ के लिए प्रेमचंद कथा सम्मान, कृष्ण बलदेव फेलोशिप, एबीपी न्यूज सर्वश्रेष्ठ ब्लॉगर सम्मान, 'कोठागोई’ पुस्तक के लिए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में द्वारका प्रसाद अग्रवाल युवा लेखक पुरस्कार। Jankipul.com नामक प्रसिद्ध वेबसाइट के मॉडरेटर। सम्प्रति : दिल्ली विश्वविद्यालय के ज़ाकिर हुसैन दिल्ली कॉलेज (सांध्य) में अध्यापन।
प्रभात रंजन जन्म : 3 नवंबर 1970, जन्मस्थान : सीतामढ़ी (बिहार)। शिक्षा : पीएचडी (उत्तर आधुनिकतावाद और मनोहर श्याम जोशी के उपन्यास, उदय प्रकाश की कहानियों में राजनीतिक-सामाजिक परिप्रेक्ष्य)। प्रकाशित कृतियाँ : दो कहानी संग्रह—'जानकी पुल’ और 'बोलेरो क्लास’,'नीम का पेड़’ (राही मासूम रज़ा लिखित धारावाहि...

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