राज कपूर भारतीय सिनेमा के एक दिग्गज अभिनेता थे। वे एक असाधारण शोमैन; एक प्रेमी; एक आदर्शवादी; एक संत और एक सुधारक भी थे। बेहतरीन निर्माता; निर्देशक; अभिनेता; एडिटर; गीतकार और कहानीकार के रूप में; इस क्षेत्र पर उनका प्रभुत्व ऐसा था कि उन्होंने कुछ ऐसी फिल्में बनाईं; जिन्हें दुनिया में कहीं भी बनी फिल्मों से ज्यादा देखा गया—ऐसी फिल्में; जिन्होंने दर्शकों की कई पीढि़यों को मंत्रमुग्ध किया है।
राज कपूर में न केवल हास्य की उम्दा टाइमिंग थी; बल्कि इतिहास में उनकी अपनी टाइमिंग थी। उन्होंने न केवल फिल्में बनाईं; बल्कि मुख्यधारा के भारतीय फिल्मी दर्शक वर्ग को भी उस समय तैयार किया; जब बाजार में किसी ने बॉलीवुड का नाम तक नहीं सुना था। विरासत में मिली सिनेमाई परंपरा के साथ काम करते हुए उन्होंने उसमें बदलाव किए; नई-नई चीजों को जोड़ा; और एक अलग ही; मोहक रोमांस से भरपूर और जबरदस्त लोकप्रिय फिल्मों का निर्माण किया।
वह भारत के सबसे बड़े सांस्कृतिक दूत थे। कहा जाए तो उनकी फिल्में भावनाओं और मनोरंजन की एक विचारधारा थीं। अपनी सामाजिक चिंताओं और संदेशों को उन्होंने हास्य; संगीत; रोमांस और नाटकीयता का रूप दिया। उनमें दर्शकों की नब्ज को पहचानने की गजब की समझ थी। फिल्म-निर्माण में राज कपूर के वास्तविक योगदान पर अंतहीन बहस हो सकती है; लेकिन इस बात से कुछ ही लोग इनकार कर सकते हैं कि वह हिंदी सिनेमा के अब तक के सबसे बड़े एंटरटेनर थे।
राज कपूर भारतीय सिनेमा के एक दिग्गज अभिनेता थे। वे एक असाधारण शोमैन; एक प्रेमी; एक आदर्शवादी; एक संत और एक सुधारक भी थे। बेहतरीन निर्माता; निर्देशक; अभिनेता; एडिटर; गीतकार और कहानीकार के रूप में; इस क्षेत्र पर उनका प्रभुत्व ऐसा था कि उन्होंने कुछ ऐसी फिल्में बनाईं; जिन्हें दुनिया में कहीं भी बनी ...