मंटो की कहानियों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सच्चाई है। उन्होंने समाज की पाखंड भरी नैतिकता को धता बताकर, उन किरदारों को अपनी कहानियों का नायक बनाया जिन्हें सभ्य समाज ने हाशिये पर धकेल दिया था। उनके पात्रों में वेश्याएँ, दलाल, आवारागर्द, और समाज के निचले तबके के लोग शामिल हैं, जिनके मानवीय पहलू और संघर्ष को मंटो ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उकेरा। वह कहते थे, "अगर आपको मेरी कहानियाँ अश्लील लगती हैं, तो जिस समाज में आप रह रहे हैं, वह अश्लील है। मेरी कहानियाँ तो सच दर्शाती हैं।"