टोयोटा को परंपरागत रूप से एक ठोस व विश्वसनीय ब्रांड माना जाता है; जो अपने संस्थागत आकार-प्रकार की तुलना में अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए अधिक प्रसिद्ध है। मई 2017 में फोर्ब्स पत्रिका ने टोयोटा का ब्रांड मूल्यांकन 41.1 अरब डॉलर किया था और ‘विश्व के सबसे मूल्यवान ब्रांड’ सूची में आठवें स्थान पर रखा था। हाँ; सन् 2015 की पहली छमाही में वॉक्सवैगन ने टोयोटा से ‘विश्व के सबसे बड़े मोटरवाहन निर्माता’ का ताज जरूर छीन लिया था; लेकिन ब्रांड मूल्य के हिसाब से टोयोटा अपने क्षेत्र का सबसे मूल्यवान ब्रांड है।
द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद जापान की अर्थव्यवस्था अत्यंत नाजुक दौर से गुजर रही थी; और जुलाई 1950 तक पहुँचते-पहुँचते टोयोटा दिवालियापन की स्थिति में आ गई थी। लेकिन कुशल प्रबंधन; आधुनिक तकनीक; उत्तम गुणवत्ता और ग्राहकों के भरोसे ने टोयोटा को कामयाबी के शिखर पर पहुँचाया और आज टोयोटा विश्व का सबसे सम्मानित ब्रांड बन गया है।
मैनेजमेंट के छात्रों; प्रबंधकों और आमजन के लिए एक उपयोगी पुस्तक; जिसे पढ़कर पाठक टोयोटा की ‘सक्सेस स्टोरी’ से प्रेरणा पाकर अपना उत्कर्ष कर पाएँगे।
टोयोटा को परंपरागत रूप से एक ठोस व विश्वसनीय ब्रांड माना जाता है; जो अपने संस्थागत आकार-प्रकार की तुलना में अपने उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के लिए अधिक प्रसिद्ध है। मई 2017 में फोर्ब्स पत्रिका ने टोयोटा का ब्रांड मूल्यांकन 41.1 अरब डॉलर किया था और ‘विश्व के सबसे मूल्यवान ब्रांड’ सूची में आठवें स...