कठिनाइयों, दृढ़ता, सफलताओं और निराशाओं की कहानी पर केंद्रित यह पुस्तक पाँच दोस्तों के जीवन की पड़ताल करती है-जब वे पीछे मुड़कर देखते हैं और याद करते हैं कि कैसे जिंदगी ने उनके लिए वाकई एक चक्र पूरा कर लिया है।
प्रेरणादायक और यथार्थवादी, 'जिंदगी का सफर' पाँच दोस्तों की एक मार्मिक कहानी है, जो जीवन की बड़ी उम्मीदों से जूझते हैं।
अंग्रेजी और कन्नड़ की सफल लेखिका सुधा मूर्ति का जन्म 1950 में उत्तरी कर्नाटक के शिगौन में हुआ। उन्होंने कंप्यूटर साइंस में एम.टेक. किया है और फिलहाल वह इनफोसेस फाउंडेशन की चेयरपर्सन हैं।
वे अब तक 30 से अधिक पुस्तकें लिख चुकी हैं, जो उपन्यास, यात्रा-वृत्तांत, तकनीकी, संक्षिप्त कहानी-संग्रह, कथेतर साहित्य और बच्चों के लिए लिखी बेस्ट-सेलिंग कृतियाँ हैं। उनकी पुस्तकों का भारत की लगभग हर महत्त्वपूर्ण भाषा में अनुवाद हो चुका है। उन्हें उत्कृष्ट साहित्य लेखन के लिए आर.के. नारायण पुरस्कार (2006), पद्मश्री पुरस्कार (2006), कन्नड़ साहित्य में कर्नाटक सरकार की ओर से अतिमाबी पुरस्कार (2011), क्रॉसवर्ड बुक द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार (2018) एवं पद्मभूषण (2023) से सम्मानित किया जा चुका है।
भारत की राष्ट्रपति द्वारा मार्च 2024 में राज्यसभा के लिए मनोनीत ।