मन की अभिव्यक्ति व्यक्त करने का आसान माध्यम है कविता। जो मुक्त कंठ से कही जाये तो सहज ही कवि की भावुक भावनाएं प्रकट हो उठती हैं। इस साझा काव्य संकलन ‘हिमालय की गूंज’ में प्रस्तुत सभी सहभागी कलमकारों ने अपनी तरफ से उत्कृष्ट रचनाओं का समावेश किया है, पठन करने पर इसका आभास होता है। अतुकांत में लिखी गई रचनाएं छंदबद्ध कविताओं की अपेक्षा अधिक प्रभाव छोड़ती...है। इसलिए यह साझा संकलन बहुत प्रभावकारी है। दरअसल इसकी खास बात यह भी है कि इसमें रचनाकारों ने बहुत ही सरल-सुलभ शब्दावली का प्रयोग किया है जो आम भाषा कही जा सकती है इससे पाठकों को आनन्द आना स्वाभाविक है। क्योंकि शब्दों की जटिलता कई बार काव्य को रूखा कर देती है... इस साझा संकलन में 16 रचनाकारों ...1. अनीशा रावत 2- अनुकृति डिमरी 3- भगत सिंह राणा ‘हिमाद’ 4- भानु प्रताप सिंह सूरी 5- बृजेश रावत 6- दीपक सती प्रसाद 7- इन्दुबाला पुरोहित 8- ज्योति बिष्ट ‘जिज्ञासा’ 9- किरन पुरोहित ‘हिमपुत्री’ 10- नीलम डिमरी 11- ऋतिक सती 12- रोशनी पोखरियाल 13- श्रुति तिवारी 14- सतीश डिमरी 15- सुनील कुमार 16- शशि देवली की रचनाएँ शामिल हैं
मन की अभिव्यक्ति व्यक्त करने का आसान माध्यम है कविता। जो मुक्त कंठ से कही जाये तो सहज ही कवि की भावुक भावनाएं प्रकट हो उठती हैं। इस साझा काव्य संकलन ‘हिमालय की गूंज’ में प्रस्तुत सभी सहभागी कलमकारों ने अपनी तरफ से उत्कृष्ट रचनाओं का समावेश किया है, पठन करने पर इसका आभास होता है। अतुकांत में लिखी ...