शरत चंद्र चट्टोपाध्याय (1876–1938) भारत के प्रसिद्ध बंगाली साहित्यकार और उपन्यासकार थे। उन्होंने अपने साहित्य में प्रेम, गरीबी, सामाजिक असमानता, पारिवारिक संबंधों और मानवीय भावनाओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। उनकी प्रमुख रचनाओं में देवदास, श्रीकांत, चरित्रहीन, परिणीता और बिराज बहू शामिल हैं। उनकी रचनाओं का अनेक भारतीय भाषाओं में अनुवाद हुआ और वे आज भी व्यापक रूप से पढ़ी जाती हैं।