सरस आज़ाद सन् 1984 में उन्नाव, उत्तर प्रदेश में एक मिडिल क्लास परिवार में पैदा हुए। चूँकि भारत में ‘मेरा बेटा बड़ा होकर लेखक बनेगा’ जैसा कुछ नहीं होता, इसलिए वो भारतीय मिडिल क्लास परंपरा अनुसार इंजीनियर बन गए। लेकिन लिखने के शौक ने कब सरस को एक लेखक बना दिया, इसका अहसास उन्हें भी तब हुआ जब उनका पहला उपन्यास प्रकाशित हुआ। पिछले छः साल में अंग्रेजी के तीन उपन्यास के बाद यह इनका कुल चौथा और हिन्दी में पहला उपन्यास है।