इच्छाशक्ति मनुष्य की वह अप्रतिम शक्ति है; जो पहाड़ों के सीने चीरकर उनमें से नदियाँ बहा सकती है। इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं; जो मनुष्य की इच्छाशक्ति का गुणगान करते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में इनकी विस्तार से चर्चा है।
दरअसल; हमारे छोटे-से-छोटे और बड़े-से-बड़े सभी कार्यों के क्रियान्वयन में इच्छाशक्ति की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। इच्छाशक्ति के अभाव में हम मेज पर रखा एक गिलास पानी तक उठाकर नहीं पी सकते; फिर बड़े कार्यों की तो बात ही क्या। इच्छाशक्ति के पैदा होते ही हमारे शरीर की सोई पड़ी अनेक शक्तियाँ चैतन्य हो जाती हैं और वे सब एक सामूहिक शक्ति में बदलकर हमें अपने अभीष्ट से मिला देती हैं।
प्रस्तुत पुस्तक सोई हुई इच्छाशक्ति को जगाकर लक्ष्य-प्राप्ति; सफलता और जीवन के तमाम अभीष्ट पाने का मार्ग बताती है।
इच्छाशक्ति मनुष्य की वह अप्रतिम शक्ति है; जो पहाड़ों के सीने चीरकर उनमें से नदियाँ बहा सकती है। इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं; जो मनुष्य की इच्छाशक्ति का गुणगान करते हैं। प्रस्तुत पुस्तक में इनकी विस्तार से चर्चा है।
दरअसल; हमारे छोटे-से-छोटे और बड़े-से-बड़े सभी कार्यों के क्रियान्वय...