दशकों से इज़रायल के मशहूर सुरक्षा—बल मोसाड को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खुफ़िया संस्था माना जाता रहा है। इस पुस्तक के लेखक माइकल बार—ज़ोहार और निसिम मिशाल हमें दिलचस्प, विस्मयकारी, प्रत्यक्षदर्शी वृत्तान्तों के साथ इस संस्था के पिछले 60 वर्षों के परदे के पीछे के अत्यन्त ख़तरनाक व महत्वपूर्ण अभियानों तक ले जाते हैं। नाज़ी हत्यारे अडोल्फ़ आइशमन की सनसनीख़ेज़ गिरफ़्तारी से लेकर हाल ही में किये गये ईरान के प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों के खात्मे तक को समेटते ये सच्चे अर्थों में असम्भव कारनामों के क़िस्से हैं। अगर आप अन्तरराष्ट्रीय जासूसी, खुफ़िया—तन्त्र और युद्ध के गुप्त अभियानों से आकर्षित हैं, तो मोसाड को पढ़ना निश्चय ही आपके लिए एक रोमांचक अनुभव होगा।
माइकल बार—ज़ोहार इज़रायल—अरब के बीच हुए चार युद्धों में शामिल रहे, नौ वर्ष तक इज़रायल के संस्थापक डेविड बेन—गुरिऑन के साथ रहे, इज़रायल और उसके पड़ोसियों के बीच शान्ति के अहम समर्थक बने और दो बार संसद सदस्य रहे। उन्होंने 30 ये ज़्यादा पुस्तकें लिखी हैं और अपनी पटकथाओं के लिए कई पुरस्कार हासिल किये हैं।
निसिम मिशाल इज़रायल के टेलिविज़न जगत की अग्रणी शख़्सियतों में शामिल हैं और इज़रायल के राजकीय टेलिविज़न के महानिदेशक हैं। इज़रायल के इतिहास के बारे में लोकप्रिय पुस्तकें लिखने के अलावा वे यहूदी धर्म के दो हज़ार वर्षों पर केन्द्रित एक पुस्तक के सह—लेखक भी हैं।