हिंदी-उर्दू के शायर एम.रशीद अंसारी ने इस पुस्तक में हिंदी भाषा और उर्दू जबान में काव्य रचनाये प्रस्तुत की हैं जो सही मायने में उनके मन में उमड़ी-सिमटी भावनाएं ही हैं ...यह इस पुस्तक का नवीन संस्करण हैं जिसे पुन: प्रकाशित किया गया है इससे पूर्व गत वर्ष 80 प्रष्ठों का प्रथम संस्करण प्रकाशित हुआ था
हिंदी-उर्दू के शायर एम.रशीद अंसारी ने इस पुस्तक में हिंदी भाषा और उर्दू जबान में काव्य रचनाये प्रस्तुत की हैं जो सही मायने में उनके मन में उमड़ी-सिमटी भावनाएं ही हैं ...यह इस पुस्तक का नवीन संस्करण हैं जिसे पुन: प्रकाशित किया गया है इससे पूर्व गत वर्ष 80 प्रष्ठों का प्रथम संस्करण प्रकाशित हुआ था