Assi Ke Raisahab

· Prabhat Prakashan
Ebook
448
Pages

About this ebook

रामबहादुर राय, पिता श्री शिवदत्त राय, माँ श्रीमती फूलवती देवी, जन्म 4 फरवरी, 1946 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित रेवतीपुर गाँव (ननिहाल) में हुआ; मूलत : सोनाड़ी गाँव, गाजीपुर के निवासी । दस्तावेजों में जन्मतिथि 1 जुलाई, 1946 दर्ज है। प्रारंभिक शिक्षा मालदा (बंगाल) और गाजीपुर में। पिता किसान थे। किशोरावस्था में कम्युनिस्ट नेता सरजू पांडे से प्रभावित; सन् 1965 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र रहते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् से जुड़े।

सन् 1971 में जयप्रकाश नारायण और 1972 में गोविंदाचार्य के संपर्क में आए। नवंबर 1973 में बिहार आंदोलन के सूत्रधार बने। जेपी आंदोलन के दौरान मीसा में 9 अप्रैल, 1974 को पहली गिरफ्तारी। आपातकाल के दौरान डी.आई.आर. में बनारस में गिरफ्तार हुए। अक्तूबर 1979 में जेपी के निधन के बाद पत्रकारिता में जाने का फैसला। शुरुआत हिंदुस्थान समाचार से। अप्रैल 1983 में प्रभाष जोशी के नेतृत्ववाली जनसत्ता लॉञ्चिंग टीम के हिस्सा बने, इसके बाद 1986 में नवभारत टाइम्स में राजेंद्र माथुर के साथ। 1991 में उनके निधन के बाद जनसत्ता वापसी, वहाँ वर्ष 2004 तक सेवारत रहे। 2006 में 'प्रथम प्रवक्ता' पत्रिका से जुड़े; लेकिन 2010 में वहाँ से मुक्त हो गए। 15 अगस्त, 2013 को 'यथावत' पत्रिका की शुरुआत। 2016 से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष हैं।

प्रकाशित पुस्तकें : 'मंजिल से ज्यादा सफर' (पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की जीवनी); 'रहबरी के सवाल' (पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जीवनी); 'शाश्वत विद्रोही राजनेता: आचार्य जे.बी. कृपलानी' (आचार्य जे.बी. कृपलानी की जीवनी); 'भारतीय संविधान की अनकही कहानी' (हिंदी, उर्दू और अंग्रेजी भाषाओं में); 'भानुप्रताप शुक्ल : व्यक्तित्व एवं विचार' ।

रामबहादुर राय, पिता श्री शिवदत्त राय, माँ श्रीमती फूलवती देवी, जन्म 4 फरवरी, 1946 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में स्थित रेवतीपुर गाँव (ननिहाल) में हुआ; मूलत : सोनाड़ी गाँव, गाजीपुर के निवासी । दस्तावेजों में जन्मतिथि 1 जुलाई, 1946 दर्ज है। प्रारंभिक शिक्षा मालदा (बंगाल) और गाजीपुर में। पिता क...

Discover more

About the author

हेमंत शर्मा

जन्म और संस्कार से खाँटी बनारसी। व्यक्ति, समाज, प्रकृति, उत्सव, संस्कृति का ज्ञान काशी में हुआ। शब्द, तात्पर्य और धारणाओं की समझ भी वहीं गाढ़ी हुई।

पंद्रह साल तक 'जनसत्ता' के राज्य संवाददाता रहने के बाद दो साल 'हिंदुस्तान', लखनऊ में संपादकी की। फिर लंबे अरसे तक टी.वी. पत्रकारिता। देश के नंबर एक समाचार नेटवर्क टी.वी. 9 के पूर्णकालिक निदेशक। दिल्ली में रहते हैं, लेकिन बनारस कभी नहीं छूटा। अयोध्या मुद्दे पर सबसे प्रामाणिक पुस्तकों 'युद्ध में अयोध्या' और 'अयोध्या का चश्मदीद' के लेखक ।

व्यवस्थित पढ़ाई के नाम पर बी.एच.यू. से हिंदी में डॉक्टरेट। लिखाई में समकालीन अखबारी दुनिया में कलम घिसी । कितना लिखा ? गिनना मुश्किल है। 'भारतेंदु समग्र' का संपादन किया। कैलास-मानसरोवर की अंतर्यात्रा कराती पुस्तक 'द्वितीयोनास्ति' बहुचर्चित । एक अन्य पुस्तक 'तमाशा मेरे आगे' बकौल डॉ. नामवर सिंह -भाषा में इनके हँसमुख और शरारती गद्य की अभिव्यक्ति है। भारतीय सांस्कृतिक आख्यानों के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत बोधकथाओं का संकलन 'एकदा भारतवर्षे.' अपार लोकप्रिय । पत्रकारिता के सर्वोच्च पुरस्कार 'गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान' से पुरस्कृत। उत्तर प्रदेश सरकार के सर्वोच्च पुरस्कार 'यशभारती' से सम्मानित । काशी हिंदू विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर रहे।

इ-मेल- hemantmanusharma@gmail.com

मनोज मिश्र

18 जनवरी, 1962 को बिहार के पूर्वी चंपारण के पजिअरवा गाँव में जन्म। 34 साल तक जनसत्ता से जुड़े रहे, न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' के कार्यकारी संपादक रहे, 'युगवार्त्ता' के सलाहकार संपादक । 'दिल्ली दरबार', 'अपनों का संघर्ष', 'मैंने दंगा देखा-एक रिपोटर्र की डायरी' पुस्तकों का लेखन। पत्रकारिता के शीर्षपुरुष प्रभाष जोशी की अनेक पुस्तकों का संपादन और संयोजन।

संदीप जोशी

समाज, राजनीति और खेल विषयों पर लेखन। एयर इंडिया से रिटायर हुए; क्रिकेट के रणजी ट्रॉफी खिलाड़ी रहे हैं।

संजीव कुमार

पत्रकारिता में दो दशक से सक्रिय। 'प्रभात खबर' से पत्रकारीय जीवन की शुरुआत, बाद में पाक्षिक पत्रिका 'प्रथम प्रवक्ता' में मुख्य सहायक संपादक के तौर पर काम किया। 'यथावत' पत्रिका में समन्वय संपादक रहे। 'हिंदुस्थान समाचार' की पाक्षिक पत्रिका 'युगवार्त्ता' के संपादक हैं।

हेमंत शर्मा जन्म और संस्कार से खाँटी बनारसी। व्यक्ति, समाज, प्रकृति, उत्सव, संस्कृति का ज्ञान काशी में हुआ। शब्द, तात्पर्य और धारणाओं की समझ भी वहीं गाढ़ी हुई। पंद्रह साल तक 'जनसत्ता' के राज्य संवाददाता रहने के बाद दो साल 'हिंदुस्तान', लखनऊ में संपादकी की। फिर लंबे अरसे तक टी.वी. पत्रकारिता। देश ...

Rate this ebook

Tell us what you think.

Reading information

Smartphones and tablets
Install the Google Play Books app for Android and iPad/iPhone. It syncs automatically with your account and allows you to read online or offline wherever you are.
Laptops and computers
You can listen to audiobooks purchased on Google Play using your computer's web browser.
eReaders and other devices
To read on e-ink devices like Kobo eReaders, you'll need to download a file and transfer it to your device. Follow the detailed Help Center instructions to transfer the files to supported eReaders.