नमस्कार पाठकों! मैं हर्ष रंजन आपके समक्ष अपना सांतवा कविता संग्रह जिसका शीर्षक है, ‘इश्क़ @ शमशान’ लेकर आया हूँ। ये एक ऐसी महा-विपदा, ऐसी महा-मारी का काल चल रहा है कि अन्य लोगों की तरह मेरे दिमाग से भी बस एक ही जैसे नकारात्मक शब्द निकल रहे हैं। ये सारी कवितायें विभिन्न विषयों पर लिखी गयी हैं और सटीकता से अपना कथ्य रखती हैं। हिन्दी भाषा और अपने हिन्दू संस्कारों का पूरी तरह दोहन करके इस अंतराल में मैं इससे बेहतर नहीं लिख सकता था। आप इस कविता संग्रह का रसास्वादन कीजिये और तब तक मैं फिर से एक नयी पुस्तक के साथ आपके सामने आता हूँ। अनेकों पंक्तियों में से कुछ पंक्तियाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ नीचे:रावण को आग लगाई है,
लोग सोचते हैं, उसे देखकर,
शायद जलाने को अगली बार
रावण न मिले आशा करते हैं।
लोग नहीं जानते,
रावण इसलिए जलाए जाते हैं,
कि हर साल
कोई खड़ा होता रहे,
राम, लक्ष्मण, भरत, हनुमान, जटायु, सुग्रीव,
अंगद, बानर, गिलहरियां
या कि कोई विभीषण या सुषेण ही।
रावण की आग में अगर
आपको कोई तस्वीर दिखती है
तो आप भी इनमें से एक हो!
आप देर न करो,
सीता भले बैठी रहे जन्म भर
पर वाल्मीकि नहीं बैठेंगे,
रामायण चल रही है,
लोग आज अपने अपने गुण देखेंगे
और कूद पड़ेंगे
हर वर्ष को युग से मिलाती वैतरणी में
तुम पूछते हो न!
सभ्यताएं इतिहास यूं ही रचती हैं।
मैं हर्ष रंजन अपनी रचनाओं के संसार में आपका स्वागत करता हूँ। मेरी कलम मेरे लिए मेरी आवाज, मेरे सपने, मेरी सच्चाई, मेरी गलतियां, मेरा हथियार और मेरे लिए दुनिया की सबसे पहली टाइम मशीन है। इन वाक्यों में मैं की जगह आप होंगे अगर आप इन किताबों के साथ कुछ कदम एक साथ चलने के लिए तैयार हैं। मेरी किताब न तो सर्कस है, न तो आपका ध्यान और आपके यत्न खींचने के लिए कोई व्यूह, न तो ये सत्संग हैं। ये एक बसा हुआ शहर है जहाँ हर एक अनुच्छेद एक गली है और हर शब्द एक मकान। हर एक कविता, हर कहानी अपने आप में एक संसार है।
मैं आपको दिल की एक बात बताना चाहूंगा। मैंने हिंदी को उसकी शुरुआत और हिंदी के साहित्य को उसकी शुरुआत से जाना है। ये सफर बहुत रोचक है। कई प्रतिभा आयी और हिंदी को कुछ कदम और आगे बढ़ा गईं। मैंने अपने शब्दों का, अपनी शैली का आविष्कार नहीं किया, मैंने एक परंपरा को एक अनुज की तरह आगे बढ़ाया है। साहित्य के वर्णित विषय और साहित्य की शैली पुरानी हो सकती है पर समय का चक्र उन्हें फिर से उभार लाता हैकिताबें पढ़ें और अपने विचार जरूर बताएं।