Diamonds are Forever (Hindi)

·
· Manjul Publishing
E-book
374
Strony

Informacje o e-booku

मेरी आजीविका रफ हीरों को तराशने से लेकर रत्नों के रूप में उनका व्यापार करने तक हीरों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। मैंने हीरों को भौतिक रूप में ईश्वर स्वरूप माना है-शुद्ध, बेदाग, पारदर्शी और शाश्वत। अतल गहराई वाली जगहों से लेकर रफ बनने तक अग्निपुंज जैसी ज्वाला लिए चमकदार हीरे राजमुकुटों और आभूषणों की शोभा बढ़ाते हैं और जीवात्मा की तरह ही अपरिवर्तनीय होते हैं। वे किसी भी मानवीय कृत्य से अछूते रहते हैं। अपने जीवन में मैंने अवसरों पर दांव लगाया और हालात ने मेरा साथ दिया। कई चीजें मेरी योजना के मुताबिक ही सहज रूप से हुईं, और कुछ नियति ने तय की। अगर मैं अलग होता तो शायद बहुत कुछ अलग होता। हालांकि, ऐसा लग रहा था कि यह पूर्व निर्धारित है। अपने जीवन और खुद के बारे में मेरी अपनी कोई राय नहीं है। हां, मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि जितना मैं अपने जीवन को जी रहा था, उससे कहीं अधिक जीवन मेरे माध्यम से जी रहा था। मनुष्य के मस्तिष्क में तो अस्पष्टता होती है, लेकिन ईश्वर का स्वरूप स्पष्ट होता है। मैं अपने रास्ते में आने वाली छोटी-छोटी जिम्मेदारियों को निभाता रहा और भगवान ने मुझे कभी निराश नहीं किया 'I am nothing, but I can do anything'.


मेरी आजीविका रफ हीरों को तराशने से लेकर रत्नों के रूप में उनका व्यापार करने तक हीरों के इर्द-गिर्द घूमती रही है। मैंने हीरों को भौतिक रूप में ईश्वर स्वरूप माना है-शुद्ध, बेदाग, पारदर्शी और शाश्वत। अतल गहराई वाली जगहों से लेकर रफ बनने तक अग्निपुंज जैसी ज्वाला लिए चमकदार हीरे राजमुकुटों और आभूषणों ...

Zobacz więcej

O autorze

अरुण तिवारी डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रसिद्ध शिष्य हैं और उनकी आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ के सह-लेखक हैं।


कमलेश याज्ञिक गोविंद धोलकिया के लंबे समय से सहयोगी हैं और सार्वजनिक विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष हैं।


अरुण तिवारी डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के प्रसिद्ध शिष्य हैं और उनकी आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ के सह-लेखक हैं। कमलेश याज्ञिक गोविंद धोलकिया के लंबे समय से सहयोगी हैं और सार्वजनिक विश्वविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष हैं।

Oceń tego e-booka

Podziel się z nami swoją opinią.

Informacje o czytaniu

Smartfony i tablety
Zainstaluj aplikację Książki Google Play na Androida i iPada/iPhone'a. Synchronizuje się ona automatycznie z kontem i pozwala na czytanie w dowolnym miejscu, w trybie online i offline.
Laptopy i komputery
Audiobooków kupionych w Google Play możesz słuchać w przeglądarce internetowej na komputerze.
Czytniki e-booków i inne urządzenia
Aby czytać na e-papierze, na czytnikach takich jak Kobo, musisz pobrać plik i przesłać go na swoje urządzenie. Aby przesłać pliki na obsługiwany czytnik, postępuj zgodnie ze szczegółowymi instrukcjami z Centrum pomocy.