Chhainya Chhainya

· Radhakrishna Prakashan
2 отзива
Електронна книга
123
Страници

Всичко за тази електронна книга

उनके पास लगभग उतने ही शब्द हैं, ठीक जितने 'आम आदमियों' के शब्दकोश में होते हैं । उनके पास लगभग नियत जीवन-हृदय हैं जैसे आम आदमियों की जिन्दगी में होते हैं । उनके पास क़रीब-क़रीब वही इच्छाएं हैं जो किसी भी आदमी के निजीपन में उसे तरंगित या उद्वेलित कर सकती हैं । हिन्दी फिल्मों की लोकप्रियता में संगीत के जादू से मिलकर जो मनहरणकारी क्रिया सम्पन्न होती है, उसका मूल भी यही बिन्दु है । लेकिन, गुलजार इसी मनहरणकारी व्यवसाय में अपनी संवेदन- शीलता से रिश्तों का अनूठा स्पर्श देने में कामयाब होते हैं । यही उनकी सबसे बड़ी खूबी बन जाती है । चाँद, रात, शाम, सुबह या सूरज उनके जरिए नई अर्थवत्ता ग्रहण करते चलते हैं । मुहावरों के नवप्रयोग होते हैं, प्रकृति की सूक्ष्म व्यंजनाएँ खुल जाती हैं । शायद इसलिए कि शब्दों की ध्वन्यात्मकता को उन्होंने अपने ढंग से परख लिया है । उनके पास लोक रस, गंध और स्पर्श सुरक्षित हैं । वे स्मृतियों और यथार्थ के बीच एक पुल बनाते हैं । उदासी का तहलका मचाने वाली खामोशी की सर्जना करते हैं । गुलजार के शब्द, लोक-हृदय के उफानों, सुखों, इच्छाओं तथा यथार्थ के प्रति उत्पन्न आवेगों को इस तरह बाँटते प्रतीत होते हैं कि हम उन्हें देखने, सुनने, महसूसने लगते हैं । उनकी काव्य-यात्रा प्रकृति और मन के बीच अपने आपको खो देने की प्रबल इच्छा से संपन्न होती है । 'बंदिनी' से 'इजाजत' के बाद 'सत्या' और 'फिलहाल' तक गुलजार ऐसी निर्बन्ध परंपरा में बदलते हैं जो हमें लगातार अपने साथ ले चलने के लिए खींचती है । हमारी अनुभूतियों को उठाती है और उन्हें बेजान होने से बचने का अवसर प्रदान करती है । वह स्पर्श करती है, गूंजती है और अपने भीतर खो जाने की माँग करती फिल्मों के सौदे में भी गुलजार उम्र उधेड़ के, साँस तोड़ के लम्हे देते हैं । 'छैंया-छैंया' गुलजार के प्रेमियों के लिए उन्हीं लम्हों का ताजा गुच्छा है ।
उनके पास लगभग उतने ही शब्द हैं, ठीक जितने 'आम आदमियों' के शब्दकोश में होते हैं । उनके पास लगभग नियत जीवन-हृदय हैं जैसे आम आदमियों की जिन्दगी में होते हैं । उनके पास क़रीब-क़रीब वही इच्छाएं हैं जो किसी भी आदमी के निजीपन में उसे तरंगित या उद्वेलित कर सकती हैं । हिन्दी फिल्मों की लोकप्रियता में संगीत ...

Оценки и отзиви

2 отзива

За автора

गुलज़ार एक मशहूर शायर हैं जो फिल्में बनाते हैं। गुलज़ार एक अप्रतिम फिल्मकार हैं जो कविताएँ लिखते हैं। बिमल राय के सहायक निर्देशक के रूप में शुरू हुए। फिल्मों की दुनिया में उनकी कविताई इस तरह चली कि हर कोई गुनगुना उठा। एक 'गुलज़ार-टाइप' बन गया। अनूठे संवाद, अविस्मरणीय पटकथाएँ, आसपास की जि़न्दगी के लम्हे उठाती मुग्धकारी फिल्में। परिचय, आँधी, मौसम, किनारा, खुशबू, नमकीन, अंगूर, इजाज़त—हर एक अपने में अलग। 1934 में दीना (अब पाकिस्तान) में जन्मे गुलज़ार ने रिश्ते और राजनीति—दोनों की बराबर परख की। उन्होंने माचिस और हू-तू-तू बनाई, सत्या के लिए लिखा—'गोली मार भेजे में, भेजा शोर करता है... कई किताबें लिखीं। चौरस रात और रावी पार में कहानियाँ हैं तो गीली मिटटी एक उपन्यास। 'कुछ नज़्में, साइलेंसेस, पुखराज, चाँद पुखराज का, ऑटम मून, त्रिवेणी वगैरह में कविताएँ हैं। बच्चों के मामले में बेहद गम्भीर। बहुलोकप्रिय गीतों के अलावा ढेरों प्यारी-प्यारी किताबें लिखीं जिनमें कई खंडों वाली बोसकी का पंचतंत्र भी है। मेरा कुछ सामान फिल्मी गीतों का पहला संग्रह था, छैयाँ-छैयाँ दूसरा। और किताबें हैं : मीरा, खुशबू, आँधी और अन्य कई फिल्मों की पटकथाएँ। 'सनसेट प्वॉइंट', 'विसाल', 'वादा', 'बूढ़े पहाड़ों पर' या 'मरासिम' जैसे अल्बम हैं तो 'फिज़ा' और 'फिलहाल' भी। यह विकास-यात्रा का नया चरण है। बाकी कामों के साथ-साथ 'मिर्जा' गालिब' जैसा प्रामाणिक टी.वी. सीरियल बनाया, कई अलंकरण पाए। सफर इसी तरह जारी है। फिल्में भी हैं और 'पाजी नज़्मों' का मजमुआ भी आकार ले रहा है। चिट्ठी का पता वही है—बोस्कियाना, पाली हिल, बांद्रा, मुम्बई।
गुलज़ार एक मशहूर शायर हैं जो फिल्में बनाते हैं। गुलज़ार एक अप्रतिम फिल्मकार हैं जो कविताएँ लिखते हैं। बिमल राय के सहायक निर्देशक के रूप में शुरू हुए। फिल्मों की दुनिया में उनकी कविताई इस तरह चली कि हर कोई गुनगुना उठा। एक 'गुलज़ार-टाइप' बन गया। अनूठे संवाद, अविस्मरणीय पटकथाएँ, आसपास की जि़न्दगी के...

Оценете тази електронна книга

Кажете ни какво мислите.

Информация за четенето

Смартфони и таблети
Инсталирайте приложението Google Play Книги за Android и iPad/iPhone. То автоматично се синхронизира с профила ви и ви позволява да четете онлайн или офлайн, където и да сте.
Лаптопи и компютри
Можете да слушате закупените от Google Play аудиокниги посредством уеб браузъра на компютъра си.
Електронни четци и други устройства
За да четете на устройства с електронно мастило, като например електронните четци от Kobo, трябва да изтеглите файл и да го прехвърлите на устройството си. Изпълнете подробните инструкции в Помощния център, за да прехвърлите файловете в поддържаните електронни четци.