Char Ankhon Ka Khel

· Lokbharti Prakashan
E-book
138
Páginas

Sobre este e-book

दो मनुष्य देखतने में एक जैसे नहीं होते-शायद दो फूल भी नहीं! जीवन के अनुभव भी विभिन्न और विचित्र होते हैं । एक के लिए जो सत्य है, वह दूसरे के लिए नहीं । इसीलिये जीवन के बहुत-से पहलू अछूते और अनदेखे रह जाते है । उनको छूना और देखना भी जोखिम से खाली नहीं है । -लील- अश्लील का सवाल आड़े पड़ता है 1 मिसेज डी'सा बड़ी भली औरत है 1 लेकिन पति की मृत्यु के बाद वह अपने बेटे के बराबर एक लड़के से शारीरिक संबंध स्थापित करती है । आदिम जैविक शुहग के आगे उसकी वह हार क्या सत्य नहीं है? है । उसी कटु सत्य को बिमल बाबू ने सुंदर बनाया है । चहेते लड़के, के हाथ अपने बेटे की हत्या के बाद भी मिसेज डी'सा उस सत्य से नहीं डिग सकी । न्यायाधीश के सामने .अंतिम गवाही के वक्त भी उस चहेते लड़के की तरफ देखते ही वह हत्या का आरोप अपने ऊपर ले लेती है । नारी भी .आखिर मनुष्य है । नारीत्व मनुष्यत्व से अलग कोई चीज नहीं है । इसलिए नारीत्व के आगे मातृत्व की हार स्वाभाविक है । लेकिन उस स्वाभाविकता का बयान कितना मुश्किल है 1 इसे बिमल बाबू ने स्वीकार किया है ।
दो मनुष्य देखतने में एक जैसे नहीं होते-शायद दो फूल भी नहीं! जीवन के अनुभव भी विभिन्न और विचित्र होते हैं । एक के लिए जो सत्य है, वह दूसरे के लिए नहीं । इसीलिये जीवन के बहुत-से पहलू अछूते और अनदेखे रह जाते है । उनको छूना और देखना भी जोखिम से खाली नहीं है । -लील- अश्लील का सवाल आड़े पड़ता है 1 मिसेज ...

Sobre o autor

बंगला के सुपरिचित कथाकार। जन्म: 18 मार्च 1912 को कलकत्ता में। शिक्षा: कलकत्ता विश्वविद्यालय से एम.ए.। व्यवसाय: मुख्यतः लेखन। अब तक अनेक कहानियाँ और उपन्यास लिख चुके हैं। बंगलाभाषी समाज के अलावा हिंदी व तमिल समाज में भी समान रूप से लोकप्रिय हैं। उल्लेखनीय कृतियाँ: उपन्यास: अन्यरूप, साहब बीबी गुलाम, मैं राजाबदल, परस्त्री, इकाई दहाई सैकड़ा, खरीदी कौड़ियों के मोल, मुजरिम हाजिर, पति परम गुरु, बेगम मेरी विश्वास, चलो कलकत्ता आदि। कुल लगभग 70 उपन्यासों की रचना। कहानी-संगह: पुतुल दीदी, रानी साहिबा। रेखा-चित्र: कन्यापक्ष। निधन: 2 दिसम्बर, 1991
बंगला के सुपरिचित कथाकार। जन्म: 18 मार्च 1912 को कलकत्ता में। शिक्षा: कलकत्ता विश्वविद्यालय से एम.ए.। व्यवसाय: मुख्यतः लेखन। अब तक अनेक कहानियाँ और उपन्यास लिख चुके हैं। बंगलाभाषी समाज के अलावा हिंदी व तमिल समाज में भी समान रूप से लोकप्रिय हैं। उल्लेखनीय कृतियाँ: उपन्यास: अन्यरूप, साहब बीबी गुलाम...

Avaliar este e-book

Diga o que você achou

Informações de leitura

Smartphones e tablets
Instale o app Google Play Livros para Android e iPad/iPhone. Ele sincroniza automaticamente com sua conta e permite ler on-line ou off-line, o que você preferir.
Laptops e computadores
Você pode ouvir audiolivros comprados no Google Play usando o navegador da Web do seu computador.
eReaders e outros dispositivos
Para ler em dispositivos de e-ink como os e-readers Kobo, é necessário fazer o download e transferir um arquivo para o aparelho. Siga as instruções detalhadas da Central de Ajuda se quiser transferir arquivos para os e-readers compatíveis.