सेवासदन

Mahesh Dutt Sharma · AI-narrated by Harish (from Google)
Audiobook
10 hr 21 min
Unabridged
AI-narrated
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सेवासदन सामाजिक-यथार्थवादी उपन्यास है, जो नैतिकता, दहेज-कुरीति, स्त्री-जीवन और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के ताने-बाने को उकेरता है। कथा दारोगा कृष्णचन्द्र से आरंभ होती है—एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी, जो अपनी सच्चाई पर गर्व करता है। पत्नी गंगाजली और दो बेटियों, सुमन व शान्ता, के पालन-पोषण में वह आकर्षक खर्च करता है, परन्तु विवाह योग्य आयु आने पर दहेज-मांगों के सामने असहाय हो जाता है। विवश होकर वह महंत रामदास के अत्याचारपूर्ण मामले में समझौता कर पहली बार रिश्वत स्वीकार करता है। अपराध-बोध और परिणाम का भय उसे खोखला कर देता है। अंततः थाने के कर्मचारियों की गोपनीय शिकायतों से उसका अपराध उजागर हो जाता है और वह गिरफ्तार कर लिया जाता है। कृष्णचन्द्र अपराध स्वीकार कर दंड की प्रार्थना करता है और चाहता है कि प्राप्त धन सुमन के विवाह में लगे। उपन्यास आगे सुमन के दांपत्य, समाज की विडंबनाओं और स्त्री-मुक्ति के प्रश्नों को केंद्र बनाकर आगे बढ़ता है। यह कृति मानवीय दुर्बलताओं और सामाजिक विसंगतियों की मार्मिक पड़ताल करती है।


सेवासदन सामाजिक-यथार्थवादी उपन्यास है, जो नैतिकता, दहेज-कुरीति, स्त्री-जीवन और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के ताने-बाने को उकेरता है। कथा दारोगा कृष्णचन्द्र से आरंभ होती है—एक ईमानदार, कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी, जो अपनी सच्चाई पर गर्व करता है। पत्नी गंगाजली और दो बेटियों, सुमन व शान्ता, के पालन-पोषण मे...

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