Dekh Lenge Yaar

· Storyside IN · Narrated by Abhinav Sharma
1 review
Audiobook
8 hr 31 min
Unabridged
Eligible
Want a free 4 min sample? Listen anytime, even offline. 
Add

About this audiobook

अपने सपनों के टूटने के बाद जब कोई लड़खड़ाकर जमीन की ओर लुढकने लगता है तो उसे टूटा-फूटा ही सही पर सबसे पहला कंधा अपने दोस्तों का ही मिलता है। 'देख लेंगे यार' नामक यह उपन्यास भी रितेश और अभिनव की दोस्ती के एक ऐसे ही सफर की ही कहानी है। उदयपुर शहर की खूबसूरती के बीच रितेश और अभिनव की दोस्ती भी धीरे-धीरे हर उस पड़ाव से गुजरती है जहाँ उनके बिखरने के कारण तो कई होते हैं पर जुड़े रहना का कारण सिर्फ एक कि वे दोस्त हैं। दोस्ती के इस सफर में कभी वे साथ में हँसना सीखते हैं तो कभी फूट-फूटकर रोना। कभी वे छोटी-सी बात के लिए एक-दूसरे से लड़ जाना चाहते हैं, तो कभी एक-दूसरे के लिए बिना अपने अंजाम की सोचे पूरी दुनिया से भिड़ जाना। अगर वास्तविकता में देखें तो यह उन दोनों के उस उम्र के बचपने की कहानी है जिसे लोग बड़े प्यार से जवानी कहते हैं, और उनकी इसी उम्र में फिर आता है 'प्यार' और वो भी कोई ऐसा-वैसा नहीं एकदम कड़क, जैसेकि उसे किसी ने सदियों तक अफ़ीम की चाशनी में डुबोकर रखा हुआ हो। अब चाहे आप मानें या न मानें पर उसके बाद से सब कुछ बदल जाता है। उनकी दोस्ती भी।
अपने सपनों के टूटने के बाद जब कोई लड़खड़ाकर जमीन की ओर लुढकने लगता है तो उसे टूटा-फूटा ही सही पर सबसे पहला कंधा अपने दोस्तों का ही मिलता है। 'देख लेंगे यार' नामक यह उपन्यास भी रितेश और अभिनव की दोस्ती के एक ऐसे ही सफर की ही कहानी है। उदयपुर शहर की खूबसूरती के बीच रितेश और अभिनव की दोस्ती भी धीरे-...

Discover more

Ratings and reviews

1 review
JAYPAL SINGH SONGIRA
June 11, 2025
देख लेंगे यार को जरा भी देखने में देर मत करना इसको देख ही लेना , क्योंकि यह बहुत ही शानदार है। क्या कहूं एक पूरी रात में ही इसको पढ़ दिया इतना रोचक लगी ये शब्द नहीं तारीफ करने को और अंत तो बिल्कुल आपके पैरों के नीचे की जमीन खींच ले, कोई सोच भी नहीं सकता ऐसा अंत होगा। वाकई शानदार थी
Did you find this helpful?

Rate this audiobook

Tell us what you think.

Listening information

Smartphones and tablets
Install the Google Play Books app for Android and iPad/iPhone. It syncs automatically with your account and allows you to read online or offline wherever you are.
Laptops and computers
You can read books purchased on Google Play using your computer's web browser.

Narrated by Abhinav Sharma