विश्वप्रसिद्ध बॉक्सर मैरी कॉम ने इतिहास रचते हुए इंचियोन एशियाड में महिला बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक भारत को दिलाया और इस जीत के साथ ही मैरी कॉम एशियन गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतनेवाली पहली महिला बॉक्सर बन गईं. आज भारत में महिला बॉक्सिंग का दूसरा नाम है मैरी कॉम. बॉक्सिंग उनकी जिंदगी बन चुकी है, जिसे वे एक जुनून की तरह जी रही हैं. वे सुपर मॉम के अपने पारिवारिक किरदार के साथ बॉक्सिंग में भी देश का नाम रोशन कर रही हैं. सचमुच मैरी कॉम का जीवन संघर्ष करके अपना पथ स्वयं प्रशस्त करने की प्रेरणा देता है. मणिपुर के छोटे से गाँव में, विपन्न परिवार में जबरदस्त विरोध के बावजूद कड़ी मेहनत, सच्ची लगन और अदम्य इच्छाशक्ति का परिचय देकर मैरी कॉम ने बॉक्सिंग की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में विजय प्राप्त कर भारत का मान बढ़ाया है. एक जाँबाज खिलाड़ी की प्रेरणाप्रद जीवनगाथा, जो न जाने कितनी अनजानी-अपरिचित प्रतिभाओं को अपना लक्ष्य प्राप्त करने का द्वार खोलेगी.
विश्वप्रसिद्ध बॉक्सर मैरी कॉम ने इतिहास रचते हुए इंचियोन एशियाड में महिला बॉक्सिंग का स्वर्ण पदक भारत को दिलाया और इस जीत के साथ ही मैरी कॉम एशियन गेम्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतनेवाली पहली महिला बॉक्सर बन गईं. आज भारत में महिला बॉक्सिंग का दूसरा नाम है मैरी कॉम. बॉक्सिंग उनकी जिंदगी बन चुकी...